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Editorial

भारत का दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बनेगा अडानी समूह!

अडानी समूह ने होलसिम AG के सीमेंट कारोबार में 10.5 बिलियन डॉलर में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल करने के लिए निश्चित समझौते किए हैं। यह समझौता अडानी समूह के सीमेंट उद्योग में प्रवेश का प्रतीक है और इसे भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बनाता है।

By Cherian Varghese3 min read
Adani Group to Become India’s Second Largest Cement Maker!
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Key takeaways

  • अडानी समूह ने भारत में होलसिम AG के सीमेंट कारोबार में 10.5 बिलियन डॉलर (~ 81,361 करोड़ रुपये) में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल करने के लिए निश्चित समझौते किए हैं।
  • इस अधिग्रहण के साथ, अडानी समूह आदित्य बिड़ला के अल्ट्राटेक सीमेंट के बाद भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बन जाएगा।
  • होलसिम भारत में अपने सीमेंट कारोबार से बाहर निकल रहा है क्योंकि यह इसकी ‘रणनीति 2025‘ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भवन निर्माण सामग्री क्षेत्र के लिए स्थायी सोलुशन प्रदान करना है।
  • सौदे को अंतिम रूप देने के साथ, अडानी की कुल उत्पादन क्षमता ~70 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) हो जाएगी।

अडानी समूह ने भारत में होलसिम AG के सीमेंट कारोबार में 10.5 बिलियन डॉलर (~ 81,361 करोड़ रुपये) में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी हासिल करने के लिए निश्चित समझौते किए हैं! यह समझौता अडानी समूह के सीमेंट उद्योग में प्रवेश का प्रतीक है और इसे भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट उत्पादक बनाता है। इस लेख में, हम अधिग्रहण के विवरण में जानेंगे और यह देखेंगे कि कैसे अडानी समूह सीमेंट क्षेत्र में खुद को स्थापित करने की योजना बना रहा है।

अदानी-होलसिम डील!!

  • अडानी समूह दो प्रमुख सीमेंट कंपनियों- अंबुजा सीमेंट्स लिमिटेड और ACC लिमिटेड में स्विट्जरलैंड स्थित होलसिम की पूरी हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा। होलसिम दुनिया की सबसे बड़ी सीमेंट निर्माता कंपनी है। 
  • अपनी सहायक कंपनियों के माध्यम से, अंबुजा सीमेंट्स में होलसिम की 63.19% हिस्सेदारी और ACC में 4.48% हिस्सेदारी है। [ACC  में अंबुजा सीमेंट्स की 50.05% हिस्सेदारी है।] 
  • अहमदाबाद स्थित समूह अंबुजा सीमेंट्स के लिए 385 रुपये प्रति शेयर और ACC लिमिटेड के लिए 2,300 रुपये प्रति शेयर की पेशकश करेगा
  • इस अधिग्रहण के साथ, अडानी समूह आदित्य बिड़ला के अल्ट्राटेक सीमेंट के बाद भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बन जाएगा।
  • सौदा पूरा होने के बाद समूह अपनी नई सामग्री, धातु और खनन कार्यक्षेत्र में स्थापित करेगा। 
  • होलसिम के भारतीय कारोबार की बिक्री 2022 की दूसरी छमाही में बंद होने की उम्मीद है।

होलसिम भारत क्यों छोड़ रहा है?

17 साल के स्थिर संचालन के बाद, होलसिम ने भारत में अपने सीमेंट कारोबार से बाहर निकलने का फैसला किया। बाहर निकलना इसकी ‘रणनीति 2025‘ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भवन निर्माण सामग्री क्षेत्र के लिए स्थायी सोलुशन प्रदान करना है। सीमेंट, दुनिया में सबसे ज्यादा खपत होने वाला उत्पाद है। हालांकि, इसका उत्पादन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के उच्च स्तर के कारण पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।

इस प्रकार, होलसिम पर्यावरण अनुकूल हो रहा है और सीमेंट पर अपनी निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रहा है। वे पहले ही ब्राजील, इंडोनेशिया, मलेशिया और जिम्बाब्वे में सीमेंट परिचालन में हिस्सेदारी बेच चुके हैं। कंपनी की वैश्विक स्तर पर निर्माण सामग्री (रूफिंग, वॉटरप्रूफिंग, इंसुलेशन, आदि) में अपने व्यवसाय में विविधता लाने और उसे बढ़ाने की योजना है। 

रिपोर्टों के अनुसार, कई लोगों का मानना ​​है कि होलसिम के भारत संचालन पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (Competition Commission of India) की गहन जांच भी एक कारण हो सकता है कि कंपनी बाहर निकलने की जल्दी में थी। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने दिसंबर 2020 में होलसिम के खिलाफ अपनी दूसरी जांच शुरू की।

आगे का रास्ता

पिछले कुछ वर्षों में, अडानी समूह ने बंदरगाहों, कोयला खदानों और बिजली संयंत्रों के संचालन के अपने मुख्य व्यवसायों से परे हवाई अड्डों, डेटा केंद्रों और हरित ऊर्जा में विविधता लाई है। अब, सीमेंट उत्पादन में इसका प्रवेश अत्यधिक आशाजनक लग रहा है। 2021 में, समूह ने दो सीमेंट सहायक कंपनियों- अडानी सीमेंटेशन लिमिटेड और अडानी सीमेंट लिमिटेड की स्थापना की। इन के दहेज (गुजरात) और रायगढ़ (महाराष्ट्र) में दो सीमेंट निर्माण इकाइयां स्थापित करने की योजना की घोषणा की थी।

अंबुजा सीमेंट्स की सीमेंट क्षमता 31 मिलियन टन है, जिसमें पूरे भारत में छह एकीकृत सीमेंट विनिर्माण प्लांट्स और 8 सीमेंट ग्राइंडिंग यूनिट्स हैं। इस बीच, ACC 17 सीमेंट उत्पादन यूनिट्स और नौ कैप्टिव बिजली संयंत्रों का संचालन करती है। इसका हमारे देश भर में 56,000 डीलरों और खुदरा विक्रेताओं का वितरण नेटवर्क है। सौदे को अंतिम रूप देने के साथ, अडानी की कुल उत्पादन क्षमता ~70 मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MTPA) हो जाएगी! बुनियादी ढांचे के विकास, रसद और नवीकरणीय ऊर्जा में अपनी गहरी विशेषज्ञता के साथ, समूह का लक्ष्य अपने सीमेंट कारोबार में उच्च मार्जिन हासिल करना है।

निर्माण क्षेत्र में सीमेंट आवश्यक और सबसे महत्वपूर्ण पदार्थों में से एक है। भारत की वर्तमान सीमेंट खपत प्रति व्यक्ति केवल 242 किलोग्राम है, जबकि वैश्विक औसत 525 किलोग्राम प्रति व्यक्ति है। मध्यम वर्ग में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, किफायती आवास परियोजनाओं और निर्माण गतिविधियों में कोविड -19 के बाद सीमेंट क्षेत्र में विकास की संभावना है।

आइए देखते हैं, कि अडानी समूह अपनी रणनीतिक योजनाओं को कैसे लागू करता है! क्या वे अल्ट्राटेक सीमेंट को पछाड़कर सीमेंट सेक्टर में लीडर बन पाएंगे? मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में हमें इस अधिग्रहण पर अपने विचार हमें बताएं।

Frequently asked questions

अडानी समूह भारत में कौन सा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बनेगा?

अडानी समूह भारत में दूसरा सबसे बड़ा सीमेंट निर्माता बनेगा।

अडानी समूह होलसिम के भारतीय कारोबार में कितनी हिस्सेदारी हासिल करेगा?

अडानी समूह अंबुजा सीमेंट्स में होलसिम की 63.19% हिस्सेदारी और ACC में 4.48% हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा।

होलसिम भारत में अपना कारोबार क्यों बेच रहा है?

होलसिम भारत में अपना कारोबार बेच रहा है क्योंकि यह इसकी ‘रणनीति 2025‘ पहल का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भवन निर्माण सामग्री क्षेत्र के लिए स्थायी सोलुशन प्रदान करना है।

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