Editorial
कैसे करें 2023 में मंदी का सामना!
यह लेख बताता है कि मंदी क्या है, क्या हम वास्तव में मंदी में हैं, और 2023 में मंदी से समझदारी से कैसे निपटा जाए। इसमें आपातकालीन फंड बनाने, ऋण प्रबंधन और अनावश्यक खर्चों में कटौती जैसे उपाय शामिल हैं।

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Key takeaways
- मंदी आर्थिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण, व्यापक और लंबे समय तक गिरावट है, जो आमतौर पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट, बेरोजगारी में बढ़त और उपभोक्ता खर्च में गिरावट जैसे संकेतों से पता चलती है।
- अर्थशास्त्री आम तौर पर सहमत हैं कि एक तकनीकी मंदी तब होती है जब वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की बढ़त लगातार दो क्वार्टर के लिए घट जाती है।
- कई फाइनेंशियल विशेषज्ञों और संस्थानों ने बढ़ती ब्याज दरों, व्यापार के तनाव और ग्लोबल राजनीतिक अनिश्चितता जैसे कई घटकों के कारण 2023 में ग्लोबल मंदी शुरू होने की भविष्यवाणी की है।
- मंदी का सामना करने के लिए आपातकालीन फंड बनाना, डेबिट/लोन को बुद्धिमानी से मैनेज करना, अनावश्यक खर्चों में कटौती करना और इनकम के वैकल्पिक स्रोतों का पता लगाना महत्वपूर्ण है।
- यदि आप मंदी के दौरान गुज़ारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो सरकारी प्रोग्राम्स और अन्य संसाधनों से फाइनेंशियल सहायता लेने में संकोच न करें।
ग्लोबल अर्थव्यवस्था के लिए वर्ष 2022 उतार-चढ़ाव भरा रहा! जबकि ज्यादातर क्षेत्रों ने पिछले दो महामारी-प्रभावित वर्षों के बाद सुधार के संकेत दिखाना शुरू कर दिया था। दुर्भाग्य से, रूस के यूक्रेन पर आक्रमण, मुद्रास्फीति के दबावों के कारण जीवन-यापन (cost-of-living) का संकट, और चीन में मंदी ने आर्थिक भावनाओं को आहत किया है। जैसे-जैसे हम 2023 के करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे आर्थिक मंदी की ओर बढ़ने की बातें हो रही हैं।
आज के लेख में, हम चर्चा करेंगे कि मंदी क्या है, क्या हम वास्तव में मंदी हैं, और हम इससे समझदारी से कैसे निपट सकते हैं।
मंदी क्या होती है?
मंदी आर्थिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण, व्यापक और लंबे समय तक गिरावट है। जो आमतौर पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट, बेरोजगारी में बढ़त और उपभोक्ता खर्च में गिरावट जैसे संकेतों से पता चलती है। जिन लोगों को इसकी जानकारी नहीं है, उनके लिए: GDP एक विशिष्ट अवधि के दौरान देश की सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी तैयार वस्तुओं और सेवाओं का कुल बाजार मूल्य है।
अर्थशास्त्री आम तौर पर सहमत हैं कि एक तकनीकी मंदी तब होती है जब वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की बढ़त (या मुद्रास्फीति-समायोजित सकल घरेलू उत्पाद) लगातार दो क्वार्टर के लिए घट जाती है। यह उपभोक्ता विश्वास में गिरावट, व्यापार निवेश में गिरावट या ब्याज दरों में बढ़त के कारण हो सकता है। [जब ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं या उधार लेने की लागत बढ़ जाती है, तो लोगों को कर्ज चुकाने के लिए अधिक भुगतान करना होगा, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता कम हो जाएगी। लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए कम पैसा होगा और इस प्रकार व्यवसायों को कम रेवेन्यू प्राप्त होता है।]
इसलिए मंदी के दौरान व्यवसायों को बचाए रखने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। लोगों के लिए अपनी नौकरी बनाए रखना या नई नौकरी खोजना मुश्किल हो सकता है। सरकारों को वित्तीय सहायता या प्रोत्साहन पैकेज के माध्यम से नागरिकों और व्यवसायों को अतिरिक्त सहायता प्रदान करनी पड़ सकती है। कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा लगाए गए सख्त लॉकडाउन के कारण अधिकांश देशों की तरह, भारत फाइनेंशियल ईयर 2021 में मंदी में प्रवेश कर गया।
क्या 2023 में मंदी होगी?
कई फाइनेंशियल विशेषज्ञों और संस्थानों ने 2023 में ग्लोबल मंदी शुरू होने की भविष्यवाणी की है। क्यों? खैर, बढ़ती ब्याज दरों (मुद्रास्फीति को रोकने के लिए), व्यापार के तनाव और ग्लोबल राजनीतिक अनिश्चितता जैसे कई घटक लंबे समय तक आर्थिक मंदी में योगदान कर सकते हैं।
वास्तव में, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) के वार्षिक आर्थिक पूर्वानुमान ने 2023 में सुस्त ग्लोबल विकास की भविष्यवाणी की है। यह तीन मुद्दों पर ध्यान देता है: यूक्रेन पर रूस का आक्रमण और इसका प्रभाव, कोविड-19 महामारी के दीर्घकालिक प्रभाव (विशेष रूप से चीन में), और उच्च मुद्रास्फीति और तंग मौद्रिक नीतियां। हम मुद्रास्फीति को और अधिक सुविधाजनक स्तरों पर नीचे लाने की कोशिश के लिए कीमत चुका सकते हैं!
शेयर बाजार पर प्रभाव
शेयर्स की कीमतें मंदी के दौरान गिरती हैं, क्योंकि कंपनियां प्रॉफिट बनाए रखने के लिए संघर्ष करती हैं और निवेशक जल्दी से बाजार से अपने फंड वापस ले लेते हैं। इस तरह का मंदी वाला बाजार आपको कम कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियों के शेयर खरीदने में मदद कर सकता है! अब आप अनिवार्य रूप से अपने निवेश पोर्टफोलियो पर एक नज़र डाल सकते हैं और ऐसे सिनेरियो के लिए आवश्यक सुधार कर सकते हैं!
2023 में मंदी का सामना कैसे करें?
अब, आप में से बहुत से लोग अपनी नौकरी और सेविंग कम होने को लेकर चिंतित हो सकते हैं। लेकिन घबराओ मत! यहां 2023 में मंदी से बचने के कुछ सरल उपाय दिए गए हैं:
- एक आपातकालीन फंड बनाएँ : हम इस बात पर जोर नहीं दे सकते कि यह कितना महत्वपूर्ण है। एक आपातकालीन बचत कोष मंदी के दौरान होने वाली अप्रत्याशित नौकरी के नुकसान, व्यय और अन्य वित्तीय असफलताओं के खिलाफ एक सुरक्षा प्रदान कर सकता है। 4-6 महीने के रहने लायक खर्च, या यदि संभव हो तो इससे अधिक बचाने का लक्ष्य रखें।
- अपने डेबिट/लोन को बुद्धिमानी से मैनेज करें: डेबिट/लोन का उच्च स्तर मंदी के दौरान आपकी पीठ पर भारी बोझ होने जैसा है। यदि आपकी आय में कमी आती है, तो वे आपके लिए ताकद से बने रहना कठिन बना देंगे। इसलिए मंदी आने से पहले जितना संभव हो उतना डेबिट/लोन चुकाएं, और उच्चतम ब्याज दरों वाले लोन को प्राथमिकता दें।
- अनावश्यक खर्चों में कटौती करें: फालतू खर्चों को कम करने के तरीकों की तलाश करें (जैसे कि बाहर का खाना खाना) और किराने का सामान और उपयोगिताओं जैसी ज़रूरतों को बचाने के तरीके खोजें।
- मंदी के दौरान अपनी जरूरतों को पूरा करने में मदद के लिए इनकम के वैकल्पिक स्रोतों का पता लगाना आवश्यक हो सकता है। पार्ट-टाइम या फ्रीलांस काम करने जैसे तरीकों पर विचार करें। आप स्टॉक मार्केट से ट्रेड करना और लगातार पैसा बनाना भी सीख सकते हैं! (marketfeed.com पर जाएं 🚀)
- फाइनेंशियल सहायता लें: यदि आप मंदी के दौरान गुज़ारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो मदद मांगने से न डरें। ऐसे कई सरकारी प्रोग्राम्स और अन्य संसाधन हैं, जो फाइनेंशियल सहायता प्रदान कर सकते हैं, जैसे बेरोजगारी लाभ और भोजन/किराना भत्ता।
- आर्थिक स्थितियों पर नज़र रखें और ज़रूरत पड़ने पर अपनी फाइनेंशियल योजना में सुधार करने के लिए तैयार रहें। इसमें आपके बजट का पुनर्मूल्यांकन, निवेश सुधार , या नए इनकम स्रोत तरीके खोजना शामिल है।
ये अगली मंदी से निपटने के लिए कुछ मुद्दे हैं। यह सबसे अच्छी सलाह शायद नहीं हो सकती है, लेकिन थोड़ी सी तैयारी और कुछ लचीलेपन के साथ, आप आर्थिक तूफान का सामना करने और दूसरी तरफ मजबूत होने में सक्षम जरूर होंगे!
क्या आप आर्थिक मंदी का सामना करने के लिए तैयार हैं? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में बताएं!
Frequently asked questions
मंदी क्या होती है?
मंदी आर्थिक गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण, व्यापक और लंबे समय तक गिरावट है, जो आमतौर पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में गिरावट, बेरोजगारी में बढ़त और उपभोक्ता खर्च में गिरावट जैसे संकेतों से पता चलती है।
एक तकनीकी मंदी कब होती है?
एक तकनीकी मंदी तब होती है जब वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की बढ़त (या मुद्रास्फीति-समायोजित सकल घरेलू उत्पाद) लगातार दो क्वार्टर के लिए घट जाती है।
2023 में मंदी का सामना कैसे करें?
2023 में मंदी का सामना करने के लिए आपातकालीन फंड बनाएँ, अपने डेबिट/लोन को बुद्धिमानी से मैनेज करें, अनावश्यक खर्चों में कटौती करें, इनकम के वैकल्पिक स्रोतों का पता लगाएं और ज़रूरत पड़ने पर फाइनेंशियल सहायता लें।
Written by
Cherian VargheseRelated reads

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