Market
रिलायंस 8% गिरा, लेकिन निफ्टी स्थिर। ITC 3 साल के उच्चतम स्तर पर!! - पोस्ट मार्केट रिपोर्ट
रिलायंस में 8% की गिरावट के बावजूद निफ्टी स्थिर रहा, जबकि ITC 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अन्य हैवीवेट शेयरों ने निफ्टी को गिरने से बचाया।

Key takeaways
- रिलायंस में 7.2% की गिरावट आई, जिससे निफ्टी में लगभग 200 अंकों की गिरावट हुई, लेकिन अन्य हैवीवेट शेयरों ने इसे बेअसर कर दिया।
- निफ्टी 28 अंक या 0.18% की गिरावट के साथ 15,752 पर बंद हुआ, जबकि बैंक निफ्टी 114 अंक या 0.34% की बढ़त के साथ 33,539 पर बंद हुआ।
- ITC 3.9% बढ़कर 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और निफ्टी 50 का टॉप गेनर रहा, जबकि ONGC और OIL जैसे एनर्जी स्टॉक में भारी गिरावट आई।
- जून में GST कलेक्शन 1.45 लाख करोड़ रहा, जो पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 56% अधिक है, और भारतीय रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79 पर पहुंच गया।
- फेडरल बैंक 12,000 करोड़ रुपये के फंड जुटाने की मंजूरी के बाद बढ़ा, और मुथूट फाइनेंस को 150 नई शाखाएं खोलने की मंजूरी मिली।
मार्केट का सारांश -
रिलायंस ने निफ्टी को नीचे गिराया, लेकिन अन्य हैवी वेइट्स ने इसे बेअसर किया।
निफ्टी दिन के 15,703 पर खुला और कुछ मिनटों में कंसोलिडेट हुआ। फिर रिलायंस ने इंडेक्स को दिन के निचले स्तर पर खींच लिया, इससे लगभग 200 अंक की गिरावट हुई। निफ्टी ने 15,500 से सपोर्ट लिया और वहां से 1.8% की रिकवरी की। निफ्टी 28 अंक या 0.18% की गिरावट के साथ 15,752 पर बंद हुआ।
बैंक निफ्टी ने दिन की शुरुआत 160 अंक की गिरावट के साथ 33,264 पर की। निफ्टी में गिरावट का बैंक निफ्टी पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि इसे 33,100 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट मिला था। इंडेक्स दिन भर हायर हाई और हायर लो बना रहा। बैंक निफ्टी 114 अंक या 0.34% की बढ़त के साथ दिन के अंत में 33,539 पर बंद हुआ।
सभी इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी फिनसर्व (+0.95%), निफ्टी FMCG (+2.8%) और निफ्टी रियल्टी (+1.5%) बड़े बदलावों के साथ बंद हुए।
प्रमुख एशियाई बाजार आज लाल निशान में बंद हुए। यूरोपीय बाजार मामूली हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं।
प्रमुख गतिविधियां -
ITC (+3.9%) 3 साल के उच्च स्तर पर पहुंच गया और निफ्टी 50 टॉप गेनर के रूप में बंद हुआ।
सभी एफएमसीजी शेयर ब्रिटानिया (+3.4%), डाबर (+3%), गोदरेजसीपी (+3.1%), HUL (+2.3%), मैरिको (+2.7%), टाटा कंज्यूमर (+1.8%), UBL (+2.9%) और मैकडॉवेल (+3.8%) हरे निशान में बंद हुए।
जब बाजार रुख़ स्पष्ट नहीं होता है, तो लोग हमेशा अपना पैसा डिफेन्स सेक्टर में लगाते हैं।
भारत सरकार द्वारा डीजल और पेट्रोल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के बाद रिलायंस (-7.2%) गिर गया।
ONGC (-13.5%) OIL (-14.9%), चेन्नई पेट्रो (-5.1%) और MRPL (-10% -LC) के शेयरों में भी सरकार द्वारा घरेलू कच्चे तेल के उत्पादन पर टैक्स लगाने के बाद तेज गिरावट देखी गई।
हिंदपेट्रो (+5.1%), BPCL (+3.2%) में तेजी आई, क्योंकि आपूर्ति में बढ़त से स्थानीय कीमतों में कमी आने की उम्मीद है।
एनर्जी से संबंधित स्टॉक- पावरग्रिड (-2.5%), GAIL (-1.9%), NTPC (-1.2%), कोल इंडिया (-1.2%) नीचे गिरे।
निफ्टी को बचाने के लिए दिन के निचले स्तर से HDFC बैंक (+0.43%), INFY (+1.2%), HDFC (+1.8%), ICICI बैंक (-0.47%), TCS (+1.4%) और कोटक बैंक (+0.40%) सहित हैवीवेट ने लगभग 2% की वसूली की।
बजाज फाइनेंस (+3.9%) और बजाज फिनसर्व (+3.5%) भी बढ़े।
टाटा मोटर्स (+0.22%), मारुति (+0.80%), आयशर मोटर्स (-0.41%), बजाज ऑटो (-2.2%), और अशोक लीलैंड (-1%) ने अपने जून महीने की बिक्री संख्या की सूचना दी। उन्होंने ज्यादा हलचल नहीं की क्योंकि ऑटो सेक्टर पहले से ही एक रैली में थे। इनमें से अधिकांश ने अनुमान से अच्छा परफॉर्म किया।
फेडरल बैंक (+3.8%) बढ़ा, क्योंकि बैंक ने डेबिट और इक्विटी के माध्यम से 12,000 करोड़ रुपये के फंड रायसिंग को मंजूरी दी।
स्पाइसजेट (+2.7%) और इंडिगो (+2.7%) में बढ़त हुई, क्योंकि भारत ने गैसोलीन और जेट ईंधन के एक्सपोर्ट के लिए नियमों को कड़ा किया।
भारत ने सोने पर इंपोर्ट टैक्स 7.5% से बढ़ाकर 12.5% कर दिया। मुथूट फाइनेंस (+6.8%) और मणप्पुरम (+3.7%) हरे निशान में बंद हुए। साथ ही मुथूट फाइनेंस को 150 नई शाखाएं खोलने की मंजूरी मिली।
आगे का अनुमान -
आज का पहला एक घंटा पूरी तरह रिलायंस के कंट्रोल में था। कल के बंद से यह 8% से अधिक गिर गया- एक हैवीवेट से एक बहुत ही असामान्य एक्शन था। भले ही कुछ खरीदारी 2,370 के स्तर पर आई हो, लेकिन शेयर में सुधार नहीं हो सका।
रिलायंस के प्रभाव को बेअसर करने के लिए बाजार को अन्य सभी दिग्गजों की मदद की जरूरत थी। रिलायंस ने निफ्टी में 134 नेगेटिव पॉइंट्स का योगदान दिया।
निफ्टी एक बार फिर लाल और बैंक निफ्टी हरे निशान में बंद हुआ है। बैंक निफ्टी में कुछ दिनों के बाद इंट्रा डे में तेजी आई थी।
भारत के वित्त मंत्री ने कहा, कि मई में 1.41 लाख करोड़ की तुलना में जून GST कलेक्शन 1.45 लाख करोड़ है। जून GST संग्रह पिछले साल के इसी महीने की तुलना में 56% है।
आज भारतीय रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 79 पर पहुंच गया। यह विदेशी संस्थागत निवेश को कैसे प्रभावित करेगा?
S&P द्वारा भारत का मैन्युफैक्चरिंग PMI इंडेक्स जून में 53.9 पर दर्ज किया गया था, जबकि मई में यह 54.6 था।
क्या आपने रिलायंस के शेयर खरीदे थे जब यह 2,370 के स्तर तक गिर गया था? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में बताएं।
मिलते है YouTube पर, शाम 7 बजे स्टॉक मार्केट शो में!!
Frequently asked questions
रिलायंस में कितनी गिरावट आई?
रिलायंस में 7.2% की गिरावट आई।
ITC कितने साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा?
ITC 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा।
जून में GST कलेक्शन कितना रहा?
जून में GST कलेक्शन 1.45 लाख करोड़ रहा।
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले किस स्तर पर पहुंचा?
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पहली बार 79 पर पहुंचा।
Written by
Ajay AjithRelated reads

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