इस साल RBL बैंक के शेयर की कीमत क्यों 60% कम है?

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why rbl banks share price is down 60 this year
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RBL बैंक के शेयर की कीमत एक साल में लगभग 60% और जून के दूसरे सप्ताह में ~ 30% तक गिर गई है! इसके चलते बैंक के टॉप लेवल मैनेजमेंट, फायनांशियल और एसेट क्वालिटी पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस लेख में हम यह जानेंगे, कि कीमतों में गिरावट के क्या कारण हैं।  

गलत फेरबदल!!

गिरावट का मुख्य कारण मैनेजमेंट के बड़े फेरबदल है। 10 जून, 2022 को, आर सुब्रमण्यकुमार को RBL बैंक के प्रबंध निदेशक और सीईओ के रूप में नियुक्त किया गया था। उनकी नियुक्ति एमडी और सीईओ विश्ववीर आहूजा के अचानक और अप्रत्याशित इस्तीफे के बाद हुई थी।

आर. सुब्रमण्यकुमार का 40 साल का करियर 1980 में पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के साथ शुरू हुआ। उन्होंने तीन साल तक पंजाब नेशनल बैंक में बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन का नेतृत्व किया और डिजिटल, HR, MSME, रिटेल और ओवरसीज ऑपरेशंस को संभाला।

वह इंडियन बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक में कार्यकारी निदेशक(Executive Director) थे। सुब्रमण्यकुमार ने इंडियन ओवरसीज बैंक के एमडी और सीईओ का पद भी संभाला। उन्होंने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DHFL) में एक एडमिनिस्ट्रेटर थे।

आर. सुब्रमण्यकुमार का दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ जुड़ाव ने निवेशकों को चौंका दिया। पिछले कुछ वर्षों में हाउसिंग फाइनेंस कंपनी कुछ गलत कारणों से चर्चा में रही है। नियामक और प्रशासनिक प्राधिकरण जैसे सेबी, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई, महाराष्ट्र पुलिस, और अन्य वाधवान परिवार द्वारा की गई धोखाधड़ी गतिविधियों की जांच कर रहे हैं, जो दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के  मालिक है और उसे चलाते है। दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड वर्तमान में दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत दिवाला प्रक्रिया से गुजर रहा है।

खराब फाइनेंस और एसेट क्वालिटी। आगे क्या?

FY22 तक, RBL की ग्रॉस नॉन-परफार्मिंग एसेट्स (non-performing assets) 4.4% थी, जबकि नेट नॉन-परफार्मिंग एसेट्स 2.1% थी। पिछले पांच वर्षों में, बैंक का ग्रॉस  नॉन-परफार्मिंग एसेट्स 3.2%+ बढ़ा, जबकि नेट नॉन-परफार्मिंग एसेट्स 0.66%+ बढ़ा। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट (Return on Asset) और रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) पहली बार नकारात्मक हो गया है। FY21-22 के लिए,  रिटर्न ऑन एसेट -0.07% था जबकि इसका रिटर्न ऑन इक्विटी -0.59% था। नेगेटिव कैश फ्लो और डिपॉजिट में गिरावट के साथ, ऋणदाता ने वित्त वर्ष 22 के लिए अपना पहला (-) 74.7 करोड़ रुपये का नुकसान भी दर्ज किया।

खबर के बाद, उसी दिन RBL के शेयरों में ~7% की गिरावट आई। जबकि स्टॉक ने एक वर्ष में अपने मूल्य का ~ 62% खो दिया है, पिछले दो हफ्तों में ~ 30% खो गया है। एसेट क्वालिटी में गिरावट, एक गलत लीडरशिप  के साथ, शेयर की कीमत में इतनी तेज गिरावट का कारण बन सकता है। जब नए सीईओ और एमडी बैंक की एसेट क्वालिटी, कैश फ्लो और ओवरआल डिपॉजिट के सुधार पर अपना फोकस करेंगे, तो निवेशक इसमें एक नई आशा देख सकते हैं।

RBL बैंक और इसकी वर्तमान स्थिति पर आपके क्या विचार हैं? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में बताएं।

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