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Editorial

रिलायंस ने अपनी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस प्लान को क्यों टाल दिया?

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने थर्ड-पार्टी सेलर्स के लिए एक स्टैंडअलोन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की अपनी योजना को स्थगित कर दिया है। इसके बजाय, कंपनी ने हजारों इंडिपेंडेंट सेलर्स को अपने मौजूदा प्लेटफॉर्म JioMart में इंटीग्रेट किया है।

By Suhani T4 min read
Why Did Reliance Shelve its E-Commerce Marketplace Plans?
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Key takeaways

  • रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने थर्ड-पार्टी सेलर्स के लिए एक स्टैंडअलोन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की अपनी योजना को स्थगित कर दिया है।
  • हजारों इंडिपेंडेंट सेलर्स को रिलायंस के मौजूदा प्लेटफॉर्म JioMart में पहले ही इंटीग्रेट कर दिया गया है।
  • रिलायंस ने प्रस्तावित ई-कॉमर्स पॉलिसी के रुकने के बाद एक अलग मार्केटप्लेस बनाने की योजना छोड़ दी है।
  • JioMart अब अमेज़ॅन और फ्लिपकार्ट के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए एक पूर्ण बाजार के रूप में विकसित हो रहा है।
  • JioMart ने पहले ही 15,000 से अधिक थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट सेलर्स और direct-to-consumer (D2C) ब्रांडों को शामिल कर लिया है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Reliance Industries Ltd) कथित तौर पर थर्ड-पार्टी सेलर के लिए एक स्टैंडअलोन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करने और अमेज़ॅन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ प्रतिस्पर्धा करने की अपनी योजना को स्थगित कर रही है। इस बीच, हजारों इंडिपेंडेंट सेलर्स को इसके मौजूदा प्लेटफॉर्म (JioMart) में पहले ही इंटीग्रेट कर दिया गया है।

इस लेख में, हम जानेंगे कि मुंबई स्थित बहुराष्ट्रीय समूह ने अपनी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म को विकसित करने की अपनी योजना को क्यों रोक दिया।

ई-कॉमर्स में रिलायंस का व्यापार

भारत के सबसे बड़े रिटेलर, रिलायंस रिटेल वेंचर्स के पूरे भारत में 12,000 से अधिक स्टोर हैं। इसने हाल के सालों में Ajio, JioMart, और Reliance Digital के साथ अपनी ई-कॉमर्स ऑपरेशन्स का विस्तार किया है। 2016 में लॉन्च किया गया Ajio, Reliance का फैशन ई-कॉमर्स वेंचर है, जबकि JioMart (2019 में लॉन्च किया गया) ग्रॉसरी, वैल्यू फैशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और कुछ अन्य श्रेणियों के लिए एक मार्केटप्लेस है। इसी के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन, Reliance Digital ने अपना ऐप और वेबस्टोर स्थापित किया है।

कोविड महामारी की कठिन परिस्थितियों के बावजूद, JioMart, Ajio, और Reliance Digital के वेबस्टोर ने अच्छा प्रदर्शन किया, जब उपभोक्ता खरीदारी करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बहुत अधिक निर्भर थे। रिलायंस रिटेल ने भी महामारी के दौरान 65,000 से अधिक लोगों को काम पर रखा, जिनमें से 53,000 से अधिक फ्रेशर थे। रिलायंस ने 2021 में लगभग ₹3,496 करोड़ की ई-कॉमर्स बिक्री की, फिर भी यह अभी भी बाजार के मुख्य (और प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों) अमेज़ॅन(Amazon) और वॉलमार्ट के फ्लिपकार्ट (Flipkart) से पीछे है।

रिलायंस का ई-कॉमर्स में और विस्तार 

ऑनलाइन बिज़नेस के दिग्गजों अमेज़ॅन(Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए,अब JioMart को एक पूर्ण बाजार के रूप में विकसित कर रहा है, जिसकी सभी श्रेणियों में मजबूत उपस्थिति है। अगस्त में सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड JioMarket नामक एक अलग ऑनलाइन मार्केटप्लेस का निर्माण कर रहा था और प्लेटफार्म पर थर्ड-पार्टी सेलर्स को शामिल कर रहा था। इसके अलावा, यह रिलायंस को ई-कॉमर्स पॉलिसी के मसौदे का पालन करने की अनुमति देता।

पॉलिसी में मार्केटप्लेस ऑपरेटरों को संबंधित पार्टियों या एसोसिएटेड उद्यमों को उनके प्लेटफार्म पर विक्रेता के रूप में रखने से रोकने का प्रस्ताव है। ई-मार्केट संगठनों से जुड़े उद्यमों को उनके मार्केटप्लेस में सूचीबद्ध नहीं किया जाएगा। केवल थर्ड पार्टी बिक्री की अनुमति है। सरकार "एल्गोरिदम निष्पक्षता" को बढ़ावा दे रही है, जो कुछ विक्रेताओं को प्रेफरेंशियल विचार देने से ई-मार्केटप्लेस को मना करती है। यह सुनिश्चित करने के लिए है, कि स्वतंत्र विक्रेताओं को उचित व्यवहार मिले। ई-मार्केट संगठनों पर अक्सर कुछ पसंदीदा विक्रेताओं के साथ उपभोक्ता डेटा और खरीदारी की आदतों को साझा करने का आरोप लगाया जाता है। उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा के लिए सख्त कानूनों को लागू किया जाना है।

अब, जैसा कि सरकार ने प्रस्तावित ई-कॉमर्स पॉलिसी को रोक दिया है, रिलायंस इंडस्ट्रीज ने थर्ड -पार्टी सेलर  के लिए एक अलग ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस बनाने की अपनी योजना को छोड़ दिया है। इसके बजाय, इसने हजारों इंडेपेंडेंट सेलर्स को अपने मौजूदा प्लेटफॉर्म JioMart में इंटिग्रेट किया है।

JioMarket को सुझाए गए ई-कॉमर्स पॉलिसी स्टैंडर्ड्स का पालन करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। रिलायंस एक सिंगल प्लेटफॉर्म, JioMart स्थापित करना चाहता है, जिसे वह अमेज़ॅन(Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के खिलाफ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार करेगा। अब जब पॉलिसी पीछे हट रही है, तो इन दोनों बड़े प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ लड़ने के लिए दो प्लेटफार्मों को विकसित करना चुनौतीपूर्ण होता।

आगे का रास्ता

JioMart पहले ही 15,000 से अधिक थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट सेलर्स और direct-to-consumer (D2C) ब्रांडों को शामिल कर चुका है, जिन्हें Reliance Retail ने JioMarket के लिए पिछले 3-4 महीनों में ऑनबोर्ड किया था। पिछले साल की दिवाली की तुलना में प्लेटफॉर्म का कुल कलेक्शन 80 गुना बढ़ गया है। इसने अमेज़ॅन(Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart)  द्वारा दी जाने वाले ऑफर्स के साथ फेस्टिवल सेल भी शुरू किया है, जिनमें से कुछ थर्ड पार्टी सेलर्स और D2C ब्रांडों द्वारा किए गए हैं।

ई-कॉमर्स ने भारतीय बिज़नेस ऑपरेशन्स में क्रांति लाई हैं। 2022 के अंत तक, भारतीय ई-कॉमर्स बाजार 21.5% से बढ़कर 74.8 बिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है! अमेज़ॅन(Amazon)  को भारत में # 1 ई-कॉमर्स कंपनी के रूप में सम्मानित किया जाता है, जबकि फ्लिपकार्ट (Flipkart) वर्चस्व की प्रतिस्पर्धा में कड़ी टक्कर दे रहा है।

क्या JioMart को अमेज़ॅन(Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा, या यह अमेज़ॅन(Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) जैसे ई-कॉमर्स दिग्गजों को कड़ी टक्कर देगा? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में हमें अपने विचार बताएं!

Frequently asked questions

रिलायंस ने अपनी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस प्लान को क्यों टाला?

रिलायंस ने अपनी ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस प्लान को इसलिए टाला क्योंकि सरकार ने प्रस्तावित ई-कॉमर्स पॉलिसी को रोक दिया है, जिसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज ने थर्ड-पार्टी सेलर के लिए एक अलग ई-कॉमर्स मार्केटप्लेस बनाने की अपनी योजना को छोड़ दिया।

रिलायंस के मौजूदा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म कौन से हैं?

रिलायंस के मौजूदा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Ajio (2016 में लॉन्च), JioMart (2019 में लॉन्च), और Reliance Digital के वेबस्टोर हैं।

JioMart में कितने थर्ड पार्टी सेलर्स इंटीग्रेट किए गए हैं?

JioMart में पहले ही 15,000 से अधिक थर्ड पार्टी इंडिपेंडेंट सेलर्स और direct-to-consumer (D2C) ब्रांडों को शामिल किया गया है।

Written by

Suhani T

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