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Editorial

यस बैंक में क्या हो रहा है??

यस बैंक हाल ही में बड़े घोटाले और पुनर्निर्माण योजना के कारण खबरों में रहा है। यह लेख बैंक के डाउनफॉल के पीछे के घटकों और हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा करता है, जिसमें RBI का हस्तक्षेप और रिकवरी मोड शामिल है।

By Cherian VarghesePublished 14 Jun 2022Updated 18 Jul 20264 min read
यस बैंक में क्या हो रहा है??
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  1. यस बैंक का डाउनफॉल
  2. आगे क्या हुआ?
  3. RBI का हस्तक्षेप
  4. रिकवरी मोड!

Key takeaways

  • •यस बैंक ने 2004 में परिचालन शुरू किया और तेजी से बढ़ा, लेकिन राणा कपूर के तहत जोखिम भरी लोन देने की रणनीति अपनाई, जिससे इसका डाउनफॉल शुरू हुआ।
  • •बैंक ने कैफे कॉफी डे, CG पावर, जेट एयरवेज, DHFL, अनिल अंबानी समूह की फर्मों और IL&FS जैसी कंपनियों को लोन दिया, जो बाद में अच्छा कारोबार नहीं कर पाईं।
  • •भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने यस बैंक की गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों की कम रिपोर्टिंग और गवर्नेंस में कमियों के कारण राणा कपूर को सीईओ के रूप में नया कार्यकाल देने से इनकार कर दिया।
  • •मार्च 2020 में, RBI ने यस बैंक के लिए पुनर्निर्माण योजना का ड्राफ्ट तैयार किया, जिसमें SBI ने 49% हिस्सेदारी हासिल की और 10,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया गया।
  • •यस बैंक वित्त वर्ष 2022 में लाभ में आया और पुनर्निर्माण योजना से बाहर निकल गया है, जिसमें जमा बही दोगुनी होकर 1.97 लाख करोड़ रुपये हो गई और संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

यस बैंक हाल ही में हुए बड़े घोटाले के कारण सभी खबरों के माध्यमों में छाया रहा है। इसने नए निदेशक मंडल के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निजी क्षेत्र का यस बैंक 2020 में अपने बचाव के लिए तैयार की गई पुनर्निर्माण योजना से बाहर निकलना चाहता है। इसने समग्र व्यवसाय में सकारात्मक गति की सूचना दी है और यहां तक कि ग्राहकों, कर्मचारियों और निवेशकों का विश्वास हासिल करने का दावा भी किया है।

इस लेख में, हम यस बैंक के डाउनफॉल के पीछे के घटकों के बारे माँ जानेंगे और कर्ज देने वाले (lender) के आसपास के हालिया घटनाक्रमों पर चर्चा करेंगे। 

यस बैंक का डाउनफॉल 

यस बैंक ने बैंकिंग लाइसेंस हासिल कर लिया और 2004 में परिचालन शुरू किया। इसने काम समय में ही कई ग्राहकों का भरोसा जीता । अगले दशक में, बैंक की लोन बुक तेजी से बढ़ी, ग्राहकों की संतुष्टि अधिक थी, और इसके शेयर की कीमत बढ़ रही थी। हालांकि, कई लोगों ने प्रमोटर राणा कपूर के तहत इसकी प्रबंधन शैली पर सवाल उठाना शुरू कर दिया।

बैंक अक्सर विभिन्न कंपनियों को लोन देता था, जो और कहीं लोन प्राप्त करने में सक्षम नहीं थे। उन्होंने कैफे कॉफी डे,  CG पावर, जेट एयरवेज, DHFL, अनिल अंबानी समूह की फर्मों और IL&FS को क्रेडिट दिया। इस रणनीति ने यस बैंक को परिचालन का विस्तार हुआ, लेकिन यह बहुत जोखिम भरा था। दुर्भाग्य से, ऊपर लिखी सभी कंपनियां पिछले कुछ वर्षों में अच्छा कारोबार नहीं कर पाई और भारत के वित्तीय क्षेत्र में जबरदस्त तनाव पैदा कर दिया।

इस प्रकार यस बैंक का डाउनफॉल शुरू हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बार-बार ऋणदाता(lender) को अपनी गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (non-performing assets) की कम रिपोर्टिंग के लिए बुलाया। 2018 में, केंद्रीय बैंक ने "अत्यधिक अनियमित क्रेडिट प्रबंधन प्रैक्टिस, गवर्नेंस में गंभीर कमियों और खराब अनुपालन कल्चर " के कारण राणा कपूर को सीईओ के रूप में एक नया कार्यकाल देने से इनकार कर दिया। इस दौरान यस बैंक के शेयर की कीमत कम हो गई।

आगे क्या हुआ?

मार्च 2019 में, रवनीत गिल ने यस बैंक के एमडी और सीईओ के रूप में कार्यभार संभाला। आरबीआई ने अपने बोर्ड में एक सदस्य की नियुक्ति की। उन्होंने नए निवेशकों से नई पूंजी जुटाने का प्रयास किया। बैंक धन जुटाने में असमर्थ था, क्योंकि उसने सभी लोगों की विश्वसनीयता खो दी थी। जब भी यस बैंक ने शेयर बेचकर पूंजी जुटाने की कोशिश की, तो कई लोगों ने अपनी बैलेंस शीट में विसंगतियां/त्रुटियां पाईं।

The Securities & Exchange Board of India (SEBI) ने भी इसी अवधि के दौरान इनसाइडर ट्रेडिंग उल्लंघनों को लेकर बैंक के खिलाफ जांच शुरू की थी! इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है, कि मार्च 2020 तक इसका बैड लोन बढ़कर ~ 40,000 करोड़ रुपये हो गया था! बैंक के शेयर, जो अगस्त 2018 में ~ 390 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, मार्च 2020 में लगभग 25 रुपये तक गिर गए।

RBI का हस्तक्षेप

बैंक पूरा डाउनफॉल में जाने से पहले RBI को आखिरकार कदम उठाना पड़ा। मार्च 2020 में, इसने यस बैंक के लिए पुनर्निर्माण योजना का ड्राफ्ट तैयार किया। केंद्रीय बैंक ने संकटग्रस्त ऋणदाता पर रोक लगा दी और प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये के विड्रॉल पर रोक लगा दी। इसने यह भी कहा, कि भारतीय स्टेट बैंक (SBI) पुनर्गठित बैंक में 49% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए पूंजी निवेश करेगा। RBI की योजना ने प्रस्तावित किया, कि जमाकर्ताओं के धन की रक्षा की जाएगी और सभी कर्मचारी कम से कम एक वर्ष के लिए अपनी नौकरी जारी रखेंगे।

शेयर की कीमत 10 रुपये तय करने के अलावा, RBI ने यह भी घोषणा की, कि बैंक के 81 अतिरिक्त टियर -1 कैपिटल बॉन्ड (जो उच्च ब्याज दर की पेशकश करते हैं) का कोई मूल्य नहीं होगा। इसके अलावा, बैंक के बोर्ड में अब सरकार द्वारा नियुक्त चार निदेशक, SBI के दो नॉमिनी  और RBI के दो नॉमिनी व्यक्ति शामिल हैं।

अंत में, यस बैंक को बचाने के लिए आठ वित्तीय संस्थानों (SBI के नेतृत्व में) और combined capital infusion के 10,000 करोड़ रुपये लगाए गए!

रिकवरी मोड!

इस हफ्ते की शुरुआत में यस बैंक ने वैकल्पिक बोर्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। वित्त वर्ष 2022 में लगातार दो वर्षों तक गहरे घाटे में रहने के बाद लाभ मिलने पर यह पुनर्निर्माण योजना से बाहर आया है। मार्च 2022 तक बैंक की जमा बही 1.05 लाख करोड़ रुपये से लगभग दोगुनी होकर 1.97 लाख करोड़ रुपये हो गई। संपत्ति की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार हुआ है। इसने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (Unified Payments Interface - UPI) में उच्चतम बाजार हिस्सेदारी के साथ डिजिटल भुगतान में अपनी लीडरशिप बनाए रखीं। हर तीसरे डिजिटल लेनदेन में से एक, अब यस बैंक के बुनियादी ढांचे द्वारा प्रोसेस किया जाता है!

“पुनर्निर्माण योजना के इम्प्लीमेंटेशन के बाद से, बैंक ने कई परिवर्तनकारी पहल कीं जिससे इसकी नींव को पुनर्जीवित करने और पुनर्निर्माण करने में मदद मिली। यह अब अपने विकास और लाभप्रदता के उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।” - यस बैंक के नियामक फाइलिंग में।

क्या यस बैंक अपने गौरव के दिनों में वापस आ जाएगा? हमें अपने विचार मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में बताएं।

Frequently asked questions

यस बैंक का डाउनफॉल क्यों हुआ?

यस बैंक का डाउनफॉल जोखिम भरी लोन देने की रणनीति के कारण हुआ, जिसमें इसने उन कंपनियों को लोन दिया जो कहीं और लोन प्राप्त करने में सक्षम नहीं थीं, और बाद में ये कंपनियां अच्छा कारोबार नहीं कर पाईं।

RBI ने यस बैंक को बचाने के लिए क्या कदम उठाए?

RBI ने मार्च 2020 में यस बैंक के लिए पुनर्निर्माण योजना का ड्राफ्ट तैयार किया, जिसमें संकटग्रस्त ऋणदाता पर रोक लगाई, प्रति व्यक्ति 50,000 रुपये के विड्रॉल पर रोक लगाई, और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को पुनर्गठित बैंक में 49% हिस्सेदारी हासिल करने के लिए पूंजी निवेश करने को कहा।

यस बैंक कब से रिकवरी मोड में है?

यस बैंक वित्त वर्ष 2022 में लगातार दो वर्षों तक गहरे घाटे में रहने के बाद लाभ मिलने पर पुनर्निर्माण योजना से बाहर आया है और अब रिकवरी मोड में है।

Disclaimer: This article is for informational purposes only and is not investment advice. marketfeed does not recommend buying or selling any security. Consult a SEBI-registered advisor before investing.

Written by

Cherian Varghese

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