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Editorial

रिलायंस के लिए मुकेश अंबानी की उत्तराधिकार योजना क्या है?

मुकेश अंबानी ने oil-to-telecom समूह में नेतृत्व परिवर्तन को गति देने की योजना का उल्लेख किया। वह अगली पीढ़ी के युवाओं और उनके बच्चों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का सहज संक्रमण सुनिश्चित करना चाहते हैं।

By Cherian Varghese5 min read
What is Mukesh Ambani's Succession Plan for Reliance?

Key takeaways

  • मुकेश अंबानी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लिए एक सहज उत्तराधिकार योजना सुनिश्चित करना चाहते हैं ताकि उनके परिवार में कलह या मनमुटाव से बचा जा सके, जैसा कि उनके पिता की मृत्यु के बाद हुआ था।
  • रिलायंस इंडस्ट्रीज की होल्डिंग कंपनी के शेयरों को एक ट्रस्ट में रखा जाएगा, जिसमें परिवार के पांच सदस्य (मुकेश, पत्नी नीता अंबानी और उनके तीन बच्चे) के शेयर होंगे।
  • मुकेश अंबानी के तीन बच्चे- आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी- रिलायंस नेक्स्टजेन में शामिल होंगे और डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों का नेतृत्व करेंगे।
  • मुकेश अंबानी ने कहा कि उनकी पीढ़ी के वरिष्ठों को अगली पीढ़ी के युवा नेतृत्व प्रतिभा के सामने झुकना चाहिए और उन्हें मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और सशक्त बनाना चाहिए।

मुकेश अंबानी ने भारत के सबसे बड़े उद्योग समूह, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के कई गुना बढ़ाने एवं अधिक आकांक्षात्मक विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी कंपनी ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अपनी एक प्रमुख उपस्थिति स्थापित की है, जिसका हमारे देश के विकास में मुख्य योगदान  है। हाल के वर्षों में, उनका भाग्य और प्रभाव नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। वर्तमान में उनका व्यापार साम्राज्य $ 215 बिलियन का है! रिलायंस ब्रांड हमारे दैनिक जीवन का हिस्सा बन गया है।

पिछले हफ्ते, अंबानी ने oil-to-telecom समूह में नेतृत्व परिवर्तन को गति देने की योजना का उल्लेख किया। कई निवेशक और मीडिया हाउस इस मामले पर सालों से कयास लगा रहे हैं। वह अगली पीढ़ी के युवाओं और उनके बच्चों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का सहज संक्रमण सुनिश्चित करना चाहते हैं। इस लेख में हम पढ़ेंगे कि, रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए उत्तराधिकार योजना कैसी और क्यों महत्वपूर्ण है साथ ही  अंबानी का  इसके बारे में क्या कहना है।

उत्तराधिकार योजना रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के लिए महत्वपूर्ण क्यों है?

परिवार द्वारा संचालित एक बड़े व्यवसाय में उत्तराधिकार की योजना बनाना हमेशा मुश्किल होता है। 2002 में, दूरदर्शी उद्यमी और रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी का एक स्ट्रोक के कारण निधन हो गया। चूंकि उन्होंने कोई वसीयत नहीं छोड़ी, इसलिए उनके बच्चों- मुकेश और अनिल अंबानी के बीच कारोबार के स्वामित्व को लेकर मनमुटाव शुरू हो गया। उस समय रिलायंस इंडस्ट्रीज की कीमत करीब 28,000 करोड़ रुपये थी। दोनों भाइयों द्वारा चलाए जाने वाले व्यवसाय सेगमेंट के बारे में काफी भ्रम थे।

भाइयों के बीच के मनमुटाव को दूर करने के लिए उनकी मां, कोकिलाबेन अंबानी ने हस्तक्षेप किया और 2005 में कारोबार विभाजन किया। ऑइल रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल व्यवसाय मुकेश अंबानी को दिए गए, जबकि वित्त, बुनियादी ढांचा, बिजली और दूरसंचार उद्यम अनिल को सौंप दिए गए। इस विभाजन के बाद जो हुआ वह हममें से अधिकांश लोगों को अच्छी तरह से पता है।

अनिल अंबानी का डाउनफॉल :

2008 में, अनिल अंबानी 42 बिलियन डॉलर की संपत्ति के साथ दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति थे। हालांकि, खराब तरीके से क्रियान्वित की गई रणनीतियों के परिणामस्वरूप उनके सभी व्यवसाय अब कर्ज में डूब रहे हैं। दूरसंचार उद्योग में भारी प्रतिस्पर्धा और तकनीकी प्रगति के कारण रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) को घाटा उठाना पड़ा। रिलायंस इंफ्रा, रिलायंस कैपिटल और रिलायंस पावर ने भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया।

ये संस्थाएं हजारों करोड़ रुपये के लोन डिफॉल्टर है और कानूनी लड़ाई का सामना कर रही है। 2020 में, लंदन की एक अदालत में एक फाइलिंग से पता चला कि, अनिल अंबानी ने गरीबी की वकालत की है और दावा किया  कि उनकी कुल संपत्ति “शून्य” है। उनके भाई ने भी एक भुगतान को निपटाने के लिए कदम बढ़ाया और उन्हें जेल की सजा से बचाया। उनके पास व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक निरंतर इनोवेशन और निवेश की कमी थी। इन घटनाओं का रिलायंस ब्रांड पर गहरा असर हमें देखने मिला। 

मुकेश अंबानी का व्यापारिक साम्राज्य:

एक दूरंदेशी मानसिकता के साथ, मुकेश अंबानी ने रिलायंस को भारत में सबसे अधिक लाभदायक कंपनी बना दिया है। 1,601 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ यह भारत की सबसे बड़ी कंपनी है।  रिलायंस इंडस्ट्रीज ऊर्जा, सामग्री, खुदरा, दूरसंचार, मनोरंजन और डिजिटल सेवाओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में विकसित हुआ है। उनके उत्पादों और सेवाओं का उपयोग सभी भारतीय आर्थिक और सामाजिक क्षेत्रों में करते हैं। जून 2021 तक, भारत के सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic product -GDP) में  रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का अद्वितीय 6.8% पर योगदान है!

अपने भाई के साथ प्रतिद्वंद्विता से सीखे गए सबक के आधार पर, मुकेश अंबानी अब सत्ता का एक सुचारू रूप से संक्रमण सुनिश्चित करना चाहते हैं। उनके परिवार में कलह, मनमुटाव  या अनबन न केवल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के विकास के लिए बल्कि व्यापक रूप से भारत के अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकती है

मुकेश अंबानी की उत्तराधिकार योजना का डिकोडिंग

28 दिसंबर को अपने परिवार दिवस के भाषण में, मुकेश अंबानी ने कहा कि उनका उद्देश्य सत्ता हस्तांतरण के लिए स्पष्ट प्रावधान नहीं करने की अपने पिता की गलती से बचना है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगली पीढ़ी के लिए नेतृत्व परिवर्तन शीघ्र ही शुरू होगा। रिलायंस नेक्स्टजेन में उनके तीन बच्चे- आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी शामिल होंगे। मुकेश अंबानी को पूरा विश्वास है, कि वे रिलायंस इंडस्ट्रीज को और ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

मुकेश अंबानी के भाषण का एक संक्षिप्त अंश:

“मेरी पीढ़ी के वरिष्ठों से लेकर अगली पीढ़ी के युवाओं तक, मैं चाहूंगा कि इस प्रक्रिया को तेज किया जाए। सभी सीनियर्स- जिनमें मैं भी शामिल हूं- को अब रिलायंस में अत्यधिक सक्षम, अत्यंत प्रतिबद्ध और अविश्वसनीय रूप से होनहार युवा नेतृत्व प्रतिभा के सामने झुकना चाहिए। हमें उनका मार्गदर्शन करना चाहिए, उन्हें सक्षम बनाकर प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें सशक्त बनाना चाहिए… और वापस बैठकर तालियां बजानी चाहिए क्योंकि वे हमसे बेहतर प्रदर्शन करते हैं। मैं इसे इस प्रकार संक्षेप में प्रस्तुत करता हूँ। रिलायंस में हमें एक संगठनात्मक संस्कृति का निर्माण करना चाहिए, जो इसके लीडर्स से आगे निकल जाए।”

स्पेक्युलेटिव रिपोर्टों के अनुसार, रिलायंस इंडस्ट्रीज की होल्डिंग कंपनी के शेयरों को एक ट्रस्ट में रखा जाएगा, जिसमें परिवार के पांच सदस्य (मुकेश, पत्नी नीता अंबानी और उनके तीन बच्चे) के शेयर होंगे। विभिन्न दीर्घकालिक विश्वासपात्र और अधिकारी भी ट्रस्ट के बोर्ड में पद धारण कर सकते हैं। जबकि उद्यमिता अभियान परिवार के सदस्यों के पास रहेगा, और दिन-प्रतिदिन के कार्यों को अत्यधिक कुशल पेशेवरों द्वारा चलाया जाएगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की समृद्ध विरासत को बनाए रखने के लिए अगली पीढ़ी के लीडर्स से नवीन विचार पेश करने और उन्हें कुशलतापूर्वक पालन करने की उम्मीद की जाएगी। डिजिटल प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों का नेतृत्व तीन बच्चे करेंगे। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा, कि वे दुनिया के सबसे बड़े व्यापारिक घरानों में से एक को चलाने के दबाव को कैसे संभालते हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की उत्तराधिकार योजना पर आपके क्या विचार हैं? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं।

Frequently asked questions

रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए उत्तराधिकार योजना क्यों महत्वपूर्ण है?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए उत्तराधिकार योजना महत्वपूर्ण है क्योंकि 2002 में धीरूभाई अंबानी की मृत्यु के बाद कोई वसीयत न होने के कारण उनके बच्चों मुकेश और अनिल अंबानी के बीच कारोबार के स्वामित्व को लेकर मनमुटाव शुरू हो गया था।

मुकेश अंबानी की उत्तराधिकार योजना में कौन शामिल होगा?

मुकेश अंबानी की उत्तराधिकार योजना में उनके तीन बच्चे- आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी- रिलायंस नेक्स्टजेन में शामिल होंगे।

मुकेश अंबानी के अनुसार, वरिष्ठों को क्या करना चाहिए?

मुकेश अंबानी के अनुसार, सभी सीनियर्स- जिनमें वह भी शामिल हैं- को अब रिलायंस में अत्यधिक सक्षम, अत्यंत प्रतिबद्ध और अविश्वसनीय रूप से होनहार युवा नेतृत्व प्रतिभा के सामने झुकना चाहिए, उन्हें मार्गदर्शन करना चाहिए, उन्हें सक्षम बनाकर प्रोत्साहित करना चाहिए और उन्हें सशक्त बनाना चाहिए।

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