Editorial
विफल हुई कार्लाइल-पीएनबी डील! जानिए विस्तृत विश्लेषण
2021 की शुरुआत में, पंजाब नेशनल बैंक हाउसिंग फाइनेंस ने अधिमान्य शेयर और परिवर्तनीय बांड के आवंटन के माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना की घोषणा की थी। हालांकि, एक प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, SES ने सेबी को अपनी चिंता जताई, जिसके कारण अंततः सौदा रुक गया।

Key takeaways
- पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने 2021 की शुरुआत में अधिमान्य शेयरों और परिवर्तनीय बांडों के आवंटन के माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना की घोषणा की थी।
- इस सौदे में कार्लाइल ग्रुप के नेतृत्व वाले निवेश माध्यम, आदित्य पुरी के पारिवारिक निवेश शाखा और अन्य शेयरधारकों के एक समूह को शेयर आवंटित किए जाने थे।
- प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, स्टेकहोल्डर एम्पावरमेंट सर्विसेज (SES) ने सेबी के साथ फंड जुटाने की योजना का विरोध किया, जिसमें अधिमान्य शेयरों की गलत कीमत और अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों को खतरे में डालने की चिंताएं शामिल थीं।
- SES द्वारा चिंता जताए जाने के बाद, सेबी ने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस को आपातकालीन आम बैठक रोकने का आदेश दिया, जिसके बाद पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने सेबी के खिलाफ सिक्योरिटीज अपीलेट ट्रिब्यूनल (SAT) का रुख किया।
- अक्टूबर 2021 में, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने घोषणा की कि उसने कार्लाइल को अपनी अधिमान्य हिस्सेदारी की बिक्री को समाप्त कर दिया है।
2021 के शुरुआत में, पंजाब नेशनल बैंक हाउसिंग फाइनेंस ने उनके अधिमान्य शेयर(preferential shares) और परिवर्तनीय बांड्स(convertible bonds) के आवंटन माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने के योजना की घोषणा की। सौदे के तहत पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस इन शेयरों को निजी इक्विटी फर्म कार्लाइल ग्रूप के नेतृत्व वाले निवेश माध्यम, आदित्य पुरी के पारिवारिक निवेश शाखा और अन्य शेयरधारकों के एक समूह को आवंटित करेगा। हालांकि, एक प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, SES ने सेबी को अपनी चिंता जताई , जिसके कारण अंततः सौदा होते-होते रुक गया। इस लेख में, हम जानेंगे कि पीएनबी-कार्लाइल सौदा क्या था और इसकी विफलता के पीछे कौन से अहम कारण थे?
कहानी
जून 2021 में, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स ने अपने शेयरधारकों के एक समूह को ‘अधिमान्य शेयर(preferential shares)’ आवंटित करके 4,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने के निर्णय को मंजूरी दी। निजी इक्विटी फर्म कार्लाइल ग्रुप के नेतृत्व वाला निवेश माध्यम इसमें ज्यादातर निवेश करेगा। इसका सीधा मतलब यह होगा कि, कार्लाइल समूह कंपनी में अधिक हिस्सेदारी के कारण सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (Public Sector Undertaking) पर अधिक नियंत्रण हासिल कर लेगा। समूह 4,000 करोड़ रुपये की निवेश योजना में से 3,185 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। सौदे के बाद, पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की कुल हिस्सेदारी ~ 32% से कम होकर ~ 20% हो जाएगी।
प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, स्टेकहोल्डर एम्पावरमेंट सर्विसेज (Stakeholder Empowerment Services) ने Securities and Exchange Board of India (सेबी) के साथ फंड राइजिंग के इस प्लान की योजना का विरोध किया। एक प्रॉक्सी फर्म शेयरधारकों को आमतौर पर कोटेड कंपनियों(quoted companies) की शेयरधारक बैठकों में अपने शेयरों को वोट करने के लिए सेवाएं प्रदान करती है। फर्म संस्थागत निवेशकों के प्रबंधन और प्रस्तावों पर कंपनी की वार्षिक बैठक में मतदान के लिए डेटा और सिफारिशें भी प्रदान करती है।
SES ने 4,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने की योजना के संबंध में सेबी के साथ निम्नलिखित चिंताएं उठाईं:
- पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के अधिमान्य शेयरों(preferential shares) की कीमत गलत थी। कंपनी को ‘सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम(Public Sector Undertaking)’ का दर्जा प्राप्त है, इसलिए यह अपने निजी समकक्षों की तुलना में बहुत कम ‘पीई अनुपात(PE Ratio)’ रखती है। इक्विटी शेयरों का मूल्य निर्धारित करते समय पूर्व मूल्यांकन को ध्यान में नहीं रखा गया है।
- यह सुनिश्चित करने के लिए कि, प्रस्ताव पारित हो गया है, शेयरधारकों का चयन करने के लिए एक अधिमान्य आवंटन किया जा रहा था। यह कदम माइनॉरिटी शेयरधारकों के हितों को खतरे में डाल सकता है।
SES द्वारा सौदे के बारे में चिंता जताए जाने के बाद, सेबी ने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस को आपातकालीन आम बैठक को रोकने का आदेश दिया, जहां पूंजी जुटाने के लिए मतदान होने वाला था। इसके बाद, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने सेबी के खिलाफ Securities Appellate Tribunal (SAT) का रुख किया।
Securities Appellate Tribunal (SAT) ने इस मुद्दे पर मिश्रित फैसला दिया। फैसले में कुछ बयान सेबी के और कुछ पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के पक्ष में थे। इसके बाद सेबी ने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। अक्टूबर 2021 में, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने घोषणा की, कि उसने कार्लाइल को अपनी अधिमान्य हिस्सेदारी की बिक्री को समाप्त कर दिया है।
निष्कर्ष
पंजाब नेशनल बैंक ने घोषणा की थी, कि कंपनी का पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस में अपनी हिस्सेदारी को कम करने का कोई इरादा नहीं है। सौदा समाप्त होने के बाद, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के सीईओ और एमडी, हरदयाल प्रसाद ने कहा कि, कंपनी की ‘कानूनी होने’ की कोई योजना नहीं है। इसके बजाय, कंपनी अपने कारोबार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के लिए 4,000 करोड़ रुपये का सौदा बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता था। आवास की बढ़ती मांग और कम ब्याज दरों के कारण कंपनी आवास ऋण बाजार का फाइनेंस करना चाहती थी। जबकि कई सारे ‘अनुचित’ सौदे सेबी से छिप जाते हैं, इस विशेष सौदे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सेबी द्वारा अधिक जिम्मेदारी का संकेत हमें देती है।
Frequently asked questions
पीएनबी-कार्लाइल सौदा क्या था?
पीएनबी-कार्लाइल सौदा पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस द्वारा अधिमान्य शेयरों और परिवर्तनीय बांडों के आवंटन के माध्यम से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना थी, जिसमें कार्लाइल ग्रुप के नेतृत्व वाला निवेश माध्यम प्रमुख निवेशक था।
पीएनबी-कार्लाइल सौदा क्यों विफल हुआ?
पीएनबी-कार्लाइल सौदा प्रॉक्सी सलाहकार फर्म, स्टेकहोल्डर एम्पावरमेंट सर्विसेज (SES) द्वारा सेबी के साथ उठाई गई चिंताओं के कारण विफल हुआ, जिसमें अधिमान्य शेयरों की गलत कीमत और अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों को खतरे में डालने की बात कही गई थी।
SES ने पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस की पूंजी जुटाने की योजना के संबंध में क्या चिंताएं उठाईं?
SES ने चिंता जताई कि पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस के अधिमान्य शेयरों की कीमत गलत थी, कंपनी को 'सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम' का दर्जा प्राप्त है इसलिए यह अपने निजी समकक्षों की तुलना में बहुत कम 'पीई अनुपात' रखती है, और शेयरधारकों का चयन करने के लिए एक अधिमान्य आवंटन किया जा रहा था जिससे अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों को खतरा हो सकता था।
Written by
Maarg VaidyaRelated reads

Mamaearth : ₹2,400 करोड़ के IPO के लिए किया फाइल
Mamaearth की मूल कंपनी Honasa Consumer Ltd ने ₹2,400 करोड़ के IPO के लिए फाइल किया है, जिसका लक्ष्य $3 बिलियन का मूल्यांकन है। जानें कंपनी की ग्रोथ और चुनौतियां।

Sah Polymers Ltd IPO: जानिए कंपनी प्रोफाइल, लॉन्च डेट, क़ीमत, फाइनेंशियल परफॉरमेंस और जोखिमों के बारे में
साह पॉलीमर्स लिमिटेड IPO के बारे में जानें: कंपनी प्रोफाइल, लॉन्च डेट, मूल्य बैंड, फाइनेंशियल परफॉरमेंस और निवेश से जुड़े जोखिमों का विश्लेषण।

कैसे करें 2023 में मंदी का सामना!
जानें कि मंदी क्या है और 2023 में मंदी का सामना कैसे करें। आपातकालीन फंड, ऋण प्रबंधन और खर्चों में कटौती के लिए व्यावहारिक सुझाव प्राप्त करें।
Find what’s wrong with your money.
Join 2.4M+ Indians spotting the leaks in their finances, and fixing them, on the marketfeed app.
Get the appJoin 2.4M+ Indians · Free · 2 min