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Editorial

Mensa: कैसे बना भारत का सबसे तेज़ यूनिकॉर्न!!

Mensa ब्रांड अपने पहले छह महीनों के भीतर यूनिकॉर्न बनने वाला सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया। यह लेख बताता है कि कैसे इस कंपनी ने पूरे भारत में ब्रांड को बदलने और उन्हें प्रॉफिटेबल बनाने की कल्पना की।

By Cherian Varghese5 min read
How Mensa Brands Became India's Fastest Unicorn!
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Key takeaways

  • Mensa ब्रांड अपने पहले छह महीनों के भीतर यूनिकॉर्न बनने वाला सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया।
  • Mensa की शुरुआत मई 2021 में अनंत नारायणन ने की, जिन्होंने भारत के फैशन और ब्यूटी सेगमेंट में शुरुआती दौर के ब्रांडों की चुनौतियों को देखा।
  • Mensa फैशन, ब्यूटी और पर्सनल केयर सेगमेंट में होनहार ब्रांडों की तलाश करती है, उनमें बहुमत हिस्सेदारी हासिल करती है, और उन्हें इन्वेंट्री मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग में सपोर्ट करती है।
  • नवंबर 2021 में, Mensa ने लगभग 1.2 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर $135 मिलियन जुटाए, जिससे यह यूनिकॉर्न तक पहुंचने वाला सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया।
  • जून 2022 में, Mensa ने घोषणा की कि ऑपरेशन के पहले 12 महीनों में ₹1,500 करोड़ के अनुमानित रेवेन्यू के साथ यह प्रॉफिटेबल था।

किसी भी स्टार्टअप के लिए यूनिकॉर्न (1 बिलियन डॉलर का वैल्यूएशन) का दर्जा हासिल करना बहुत खास होता है। साथ ही, यह कोई इतना आसान भी नहीं है। एक अद्वितीय प्रोडक्ट या सर्विस विकसित करना, एक पर्पस -ड्रिवेन टीम का निर्माण करना, फायनांशियल सपोर्ट प्राप्त करना, ग्राहकों को आकर्षित करना और, सबसे महत्वपूर्ण बिजनेस को स्केल अप करना बेहद मुश्किल है। इस बीच कुछ खास भारतीय स्टार्टअप हैं, जो इसे आसान बनाते हैं...

अपने पहले छह महीनों के भीतर, बेंगलुरु स्थित Mensa ब्रांड यूनिकॉर्न बनने वाला सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया। वास्तव में यह एक प्रभावशाली उपलब्धि है! इस लेख में हम इस बात पर प्रकाश डालेंगे कि, कैसे इस कंपनी ने पूरे भारत में ब्रांड को बदलने और इसे प्रॉफिटेबल बनाने की कल्पना की!!

Mensa की शुरुआत 

मई 2021 में, अनंत नारायणन, Myntra के पूर्व-CEO और Medlife (एक ऑनलाइन हेल्थकेयर प्लेटफॉर्म) के सह-संस्थापक(co-founder), एक नया वेंचर - 'हाउस ऑफ ब्रांड्स' स्थापित करने के लिए निकल पड़े। उन्होंने देखा कि, भारत के फैशन और ब्यूटी सेगमेंट में शुरुआती दौर के ब्रांड या स्टार्टअप अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए सही रणनीति नहीं अपना सके। कई ब्रांड विफल हो गए, क्योंकि वे अपने प्रोडक्ट्स को प्रभावी ढंग से बढ़ावा नहीं दे सके, इन्वेंट्री का प्रबंधन नहीं कर पाए, या बिक्री नहीं बढ़ा पाए!

नारायणन जी ने महसूस किया कि, उनके पास सही एक्सपर्टीज है और ब्रांड और स्ट्रक्चर मर्जर और अधिग्रहण (mergers & acquisition) सौदों को स्केल करने के लिए कनेक्शन भी हैं। Myntra में उनके चार साल के कार्यकाल ने फैशन, ब्यूटी और कुछ फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) में डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स के साथ साझेदारी करने और निवेश करने की एक व्यावसायिक दृष्टि बनाने में मदद की। उन्होंने अपने दोस्तों को बुलाया और काम की योजना तैयार की। और इस प्रकार, Mensa ब्रांड्स की स्थापना हुई!

Mensa ब्रांड वास्तव में क्या करता है?

  • Mensa फैशन, ब्यूटी और पर्सनल केयर सेगमेंट में होनहार ब्रांड और उद्यमियों की तलाश करती है। वे मजबूत इनकम फ्लो और काफी बढ़ते कस्टमर बेस वाले ब्रांडों का चयन करते है।
  • इसके बाद यह उन ब्रांड के साथ एक डील /बिज़नेस प्लान तैयार करने के साथ उनमें बहुमत हिस्सेदारी (>51%) हासिल करता है। 
  • फिर, इन ब्रांड की संस्थापक टीम या निर्माता बड़े पैमाने पर ऑपरेशन्स चलाने के लिए Mensa के साथ जुड़ते हैं। Mensa ब्रांड को उनके आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म और सभी प्रमुख मार्केटप्लेस में उनके प्रोडक्ट्स को मैनेज और एक्सपैंड करने में मदद करता है। 
  • Mensa इन्वेंट्री मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और डिजिटल मार्केटिंग में अपनी एक्सपर्टीज साझा करके ब्रांड्स को सपोर्ट करती है। 
  • वे एक ऐसे प्रोडक्ट की पहचान करके टेक-लेड प्रोडक्ट डेवलपमेंट में शामिल स्टार्टअप्स की सहायता करते हैं, जिसकी संभावित कस्टमर तलाश कर रहे होते हैं। Mensa ऐसे स्टार्टअप्स को उनके निष्कर्षों के आधार पर एक नई प्रोडक्ट लाइन लॉन्च करने में भी मदद करता है। 

फंडिंग और इन्वेस्टर्स 

नवंबर 2021 में, Mensa ने लगभग 1.2 बिलियन डॉलर के वैल्यूएशन पर $135 मिलियन जुटाए, जिससे यह यूनिकॉर्न तक पहुंचने वाला सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया! कंपनी को टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट, फाल्कन एज कैपिटल, एक्सेल और नॉर्वेस्ट वेंचर पार्टनर्स जैसे प्रमुख इक्विटी इन्वेस्टर्स का सपोर्ट है। Mensa में मुकेश बंसल (cult.fit) और कुणाल शाह (Cred) जैसे एंजेल इन्वेस्टर्स भी हैं।

Mensa ब्रांड ने छह दौर में कुल $187 मिलियन (~₹1,540 करोड़) जुटाए हैं!

Mensa की मजबूत ग्रोथ

  • शुरुआती दिनों में, Mensa को एक अपरिचित ब्रांड से संपर्क करने और उनके बीच विश्वास बनाने में मुश्किल हुई। इस सेनारिओ की कल्पना करें: नए उद्यमियों को किसी ऐसे व्यक्ति के फोन आ रहे थे जिसके बारे में उन्होंने पहले कभी सुना ही नहीं था। Mensa के अधिकारी मूल रूप से संस्थापकों से उस ब्रांड/व्यवसाय को संभालने के बारे में बात कर रहे थे, जिसे उन्होंने कई मुश्किलों के बाद बनाया है।
  • लेकिन धीरे-धीरे, कई ब्रांड ने Mensa के बिज़नेस मॉडल के बारीक डिटेल्स और एक्सपर्टीज को समझा।
  • अक्टूबर 2021 तक, Mensa ने 10 नए-पुराने ब्रांड में से हर एक में 51-75% हिस्सेदारी हासिल कर ली! इसके पास इन कंपनियों/ब्रांड में पांच वर्षों में शेष हिस्सेदारी हासिल करने का विकल्प भी होगा, यदि वे कुछ माइलस्टोन हासिल करते हैं।
  • इन 10 ब्रांड का औसत रेवेन्यू 25-35 करोड़ रुपये है। अनंत नारायणन के अनुसार, ये ब्रांड सालाना 70-80% की दर से बढ़ रहे हैं। अगले पांच वर्षों में उनके कम से कम 10 गुना बढ़ने का अनुमान है! Mensa के आधे से ज्यादा ब्रांड भारत के बाहर अमेरिका, कनाडा, यूके, जर्मनी, सिंगापुर और यूएई में उपलब्ध हैं।
  • जून 2022 में, Mensa ने घोषणा की कि ऑपरेशन के पहले 12 महीनों में ₹1,500 करोड़ के अनुमानित रेवेन्यू के साथ यह प्रॉफिटेबल था। यह भारत का सबसे बड़ा डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) टेक-लीडेड ब्रांड्स हाउस बन गया है। वर्तमान में, Mensa लगभग 20 फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ब्रांड को सपोर्ट करता है। और उनमें से लगभग 80% ब्रांड महिलाएं चलाती हैं।

Mensa का मिशन

Mensa का विज़न ज्यादा से ज्यादा डिजिटल-फर्स्ट ब्रांडके साथ पार्टनरशिप और इन्वेस्टमेंट करने के साथ उन्हें स्केल करना है। आगे बढ़ते हुए, स्टार्टअप ग्रोथ में तेजी लाने, अधिग्रहण में तेजी लाने और ऑपरेशन, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी में अपनी टीम को बढ़ाने के लिए फंड लगाएगा। कंपनी के पास करीब 60 एम्प्लोयी हैं और अगले एक साल में इसे बढ़ाकर 150-200 करने का लक्ष्य है।

अगले 2-3 वर्षों में, Mensa की होम, गार्डन, कपड़े, पर्सनल केयर और ब्यूटी केटेगरी में 50 से अधिक ब्रांडों के  अधिग्रहण करने की योजना है। उन्हें उम्मीद है कि, उनके कुछ मौजूदा ब्रांड घर-घर में अपनी पहचान बनाएंगे। स्टार्टअप के इस बिजनेस मॉडल ने संभावित ई-कॉमर्स ग्रोथ के नए अवसर खोले हैं!

भारतीय ई-कॉमर्स बाजार तेजी से प्रतिस्पर्धी होता जा रहा है। ऐसे सैकड़ों संभावित ब्रांड होंगे जिनकी सफलता फंडरायसिंग और एक्सपर्टीज को बढ़ाने पर निर्भर करती है। आइए हम Mensa की मदद से और अधिक ब्रांड्स को नई ऊंचाइयों तक बढ़ते देखने के लिए तत्पर रहें! इस स्टार्टअप पर आपके क्या विचार हैं? हमें मार्केटफीड ऐप के कमेंट सेक्शन में बताएं।

Frequently asked questions

Mensa ब्रांड की स्थापना कब हुई थी?

Mensa ब्रांड की स्थापना मई 2021 में अनंत नारायणन ने की थी।

Mensa ने यूनिकॉर्न का दर्जा कितनी जल्दी हासिल किया?

Mensa ने अपने पहले छह महीनों के भीतर यूनिकॉर्न का दर्जा हासिल कर लिया, जिससे यह सबसे तेज़ भारतीय स्टार्टअप बन गया।

Mensa ब्रांड क्या करता है?

Mensa फैशन, ब्यूटी और पर्सनल केयर सेगमेंट में होनहार ब्रांडों की तलाश करती है, उनमें बहुमत हिस्सेदारी हासिल करती है, और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में सपोर्ट करती है।

Mensa ने कुल कितनी फंडिंग जुटाई है?

Mensa ब्रांड ने छह दौर में कुल $187 मिलियन (~₹1,540 करोड़) जुटाए हैं।

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